Monday, August 16, 2010

बाल कविता -रक्षा बंधन (POEM- RAKHI)

दोहा -रक्षा बंधन में जुड़े, दोनो बहना भाई। करेँ आरती देती रुचना, राखी संग मिठाई॥ राम कृष्ण के देश में, कैसा भइया प्रेम। बहनोँ के आशीष पा, यूवक जीतेँ देश॥ आज कल की औरतें, आंटी से चिढ जाऐँ।बुढियोँ से दीदी कहो,तब तुमसे बतियाऐँ॥ --उदय भान गुप्ता

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